मनपसंद लड़की को आपने बनाने के लिए जे 6 तरिके

  1.  कुछ दिन उसकी नज़र में आने में लगाइए। हालांकि, उसे घूरिए मत; उसकी जगह, उसकी ओर चोरी-चोरी तब तक देखिये जब तक आपकी नज़रें न मिलें और वह आपको देखते हुये देख न ले। जब वह ऐसा करे, हल्के से मुस्कुराइए और पल भर को दूसरी ओर देखिये। आप शायद झेंपेंगे भी, जो कि और भी अच्छा है – झेंपने से लगेगा कि आप घबरा गए हैं, जो एक संकेत होता है कि वह आपको पसंद है।
  2.  लड़की को सही कॉम्प्लिमेंट देने से आपका इरादा तुरंत स्पष्ट हो जाता है – उसे तुरंत पता चल जाएगा की आप मित्र से अधिक कुछ बनना चाहते हैं। ये कुछ बातें हैं जिनका आपको ध्यान रखना चाहिए:

    • जानिए कि कॉम्प्लिमेंट कैसे दिया जाता है। अगर देने का तरीका सही नहीं होगा तो सर्वश्रेष्ठ कॉम्प्लिमेंट भी काम नहीं करेगा। बात करते समय हल्के से मुस्कुराइए – इससे आप अपनी आवाज़ में नेचुरल झुकाव शामिल कर लेंगे। (कभी फ़ोन का जवाब देते समय इस तरकीब का इस्तेमाल करिए और देखिये कि क्या आपको कोई फ़र्क महसूस होता है।
    • उससे आँखें मिलाये रहिए, लहजा तो ऊंचा रखिए, मगर वास्तविक ध्वनि नीचे रखिए – कोमलता से बोलने से तुरंता ही निकटता का भान होता है, और वह सहज ही आपको सुनने के लिए आपकी ओर झुक आएगी। अगर यह मुश्किल लगता हो, तो पहले, मिरर के सामने इसकी प्रैक्टिस करिए।
    • जिसका कभी पीछा किया गया हो, वह बता सकता है कि चापलूसी और घिनौनी के बीच एक बहुत सूक्ष्म मगर निश्चित अंतर होता है। यह ध्यान में रख कर, अपना कॉम्प्लिमेंट बुद्धिमत्तापूर्वक चुनिये। ऐसा वाक्य “इस कमीज़ में अद्भुत लगती हो,” तब अजीब लग सकता है जबकि आप उसे अच्छी तरह से न जानते हों, और उससे यह लगता है कि आप उस पर नज़र रखते हैं।
    • (चाहे आप ऐसा करते ही क्यों न हों, बेहतर यही होगा कि यह जानकारी उसे तुरंत न दें।) इसके स्थान पर आप कुछ सामान्य, मगर प्यारी से बात कह सकते हैं, जैसे कि, “आज तुम्हारी मुस्कान बहुत खिल रही है। किस बात पर इतनी खुश हो?” या “मुझे लगा कि आज तुमने क्लास में जो कहा था वह सचमुच इंट्रेस्टिंग था।“ अच्छे कॉम्प्लिमेंट से बात आगे बढ़नी चाहिए, ऐसा नहीं कि बस वह कॉम्प्लिमेंट अटपटे ढंग से हवा में लटका रह जाये।
    • जान लीजिये कि क्या नहीं कहना है। अगर आप किसी लड़की को उसके सौन्दर्य के बारे में कॉम्प्लिमेंट देना चाहते हैं, उसकी आँखों, मुस्कान या बालों पर ही रहिए। अन्यथा उसके शरीर पर टिप्पणी मत करिए, वह भी पहली ही बात में।
    • अगर आप अतिरिक्त सुरक्षा चाहते हैं, कुछ ऐसा चुनिये जिस पर उसे पहले से गर्व हो। जैसे कि, यदि आपको पता हो कि वह अच्छा वायलिन बजाती है, तब ऐसा कुछ कहिए, “सुना है कि आप अद्भुत म्यूजिशियन हैं,” और उसका इस्तेमाल कुछ और सवाल पूछने के लिए करिए।
      • कहीं जाते हुये रास्ते में बातें करके, बातचीत को अतिरिक्त औपचारिक बनाइये (और उसको भी समय सीमा के अंदर रखिए)। यदि आप उसी समय क्लास में जाते हैं जब वह जाती है, या उसके साथ घर जाने लगते हैं, तब यह बढ़िया शुरुआत हो सकती है।
  3.  बातों में लंबी ख़ामोशी को आने देने से चीज़ें अटपटी हो जाती हैं।

    इसके स्थान पर, मन ही मन में, बाद में पूछने के लिए कुछ सवाल सोच कर रखिए ताकि एकाएक असहज ख़ामोशी का सामना न करना पड़े।

    • साझा होमवर्क असाइनमेंट या आने वाले किसी कार्यक्रम के बारे में उसके विचारों के बारे में पूछिये। उसकी राय पूछने से यह लगेगा कि आपको उसके उसके विचारों की चिंता है, और आप उसे वस्तु से अधिक कुछ समझते हैं।
    • बातचीत से उसके बारे में और अधिक जानने का प्रयास करिए, मगर थोड़ी सूक्ष्मता से। जैसे कि यदि आप जानना चाहते हैं कि क्या उसके जीवन में कोई और है, आप औपचारिक रूप से पूछ सकते हैं, “इस वीकेंड के लिए आपके (प्रेमी/प्रेमिका/किसी अन्य महत्वपूर्ण) के साथ कोई मज़ेदार कार्यक्रम है?” अगर नहीं होगा, और उसकी आपमें दिलचस्पी होगी, तो वह आपको तुरंत बताएगी।
    • खुले प्रश्न पूछिये। जैसे कि, यह पूछने की जगह “तो, छुट्टियों में कुछ मज़ेदार करने का प्लान है?” (जिसका जवाब “हाँ” या “नहीं” में दिया जा सकता है) आप पूछ सकते हैं “स्कूल बंद होने के बाद व्यस्त रहने के लिए क्या करने वाली हो?” बातचीत को चलते रहने देने के लिए ऐसे प्रश्न जिनका जवाब विस्तार से दिया जा सके, सदा बेहतर होते हैं।
  4.  यदि आपको यकीन हो कि आपका जोक ऐसा है जिस पर वह हँसेगी, तब अवश्य कोशिश करिए। उद्देश्य यह है कि आप उसे दिखा सकें कि आप में बढ़िया हँसोड़पना है, मगर आप आशाहीन और घटिया नहीं ही नज़र आना चाहेंगे।

    • यदि संभव हो, तत्कालीन हालात या किसी ऐसी चीज़ जिसे आप दोनों ने होते हुए देखा हो, उस पर चुटकुला सुनाइये। सिचुएशनल मज़ाक सदैव ही ऑनलाइन पढ़े हुये चुट्कुले से अधिक अर्थपूर्ण होता है।
    • अभद्र जोक मत सुनाइए। पहली बातचीत के लिए यह उचित नहीं है, और शायद इससे उस पर ग़लत प्रभाव भी पड़ सकता है।
    • अगर उसे जोक समझ में नहीं आता है, तब उसके पूछे बगैर उसको समझाइए मत। बस जल्दी से बातचीत के किसी दूसरे मुद्दे पर चले जाइए।
    • अच्छा हँसोड़पना सचमुच आकर्षक होता है, मगर बुरा मज़ाक घृणास्पद होता है। अगर आपको तत्कालीन हालात से सम्बद्ध कोई चुटकुला नहीं सूझता है, तब उसे जाने दीजिये।

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